UP Bhulekh 2026: घर बैठे खतौनी-खसरा चेक करें

अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और अपनी जमीन के कागजात, खसरा-खतौनी, भू-नक्शा या जमीन का मालिकाना हक चेक करना चाहते हैं, तो UP Bhulekh portal आपके लिए बहुत उपयोगी है। यह उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल है, जो भूमि संबंधी सभी जानकारी घर बैठे उपलब्ध कराता है। आज के समय में जब जमीन खरीदना-बेचना या कोई विवाद सुलझाना हो, तो पुराने तरीके से तहसील चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ती। बस कुछ क्लिक में सब कुछ देख सकते हैं।

up Bhulekh

UP Bhulekh क्या है?

Bhulekh UP उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जाने वाला एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका पूरा नाम “भूलेख” है, जो “भू” (जमीन) और “लेख” (रिकॉर्ड) से मिलकर बना है। इसका मतलब है जमीन के रिकॉर्ड। भूलेख पोर्टल 2016 से चल रहा है और अब 2026 में और भी बेहतर हो गया है।

इस पोर्टल के जरिए आप अपनी या किसी भी जमीन की निम्नलिखित जानकारी देख सकते हैं:

  • खसरा नंबर (गाटा संख्या)
  • खतौनी (मालिक का रिकॉर्ड ऑफ राइट्स)
  • जमाबंदी (राजस्व रिकॉर्ड)
  • मालिक का नाम, पिता का नाम, पता
  • जमीन का क्षेत्रफल, प्रकार (कृषि, आवासीय आदि)
  • नामांतरण (म्यूटेशन) की डिटेल
  • वरासत (वारिस) की जानकारी

यूपी भूलेख की ऑफिशियल वेबसाइट है: upbhulekh.gov.in

यह उत्तर प्रदेश के राजस्व परिषद (Board of Revenue) के अधीन काम करता है। सभी 75 जिलों की जानकारी यहां उपलब्ध है।

UP Bhulekh Portal की विशेषता क्या है?

UP Bhulekh Portal की मुख्य विशेषताएं बहुत उपयोगी हैं। यह उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो जमीन के रिकॉर्ड को आसान और पारदर्शी बनाता है। यहां 2026 के अपडेट्स के साथ पूरी जानकारी बिंदुवार दी गई है 

  • ऑनलाइन खतौनी और खसरा देखना — घर बैठे मालिक का नाम, जमीन का क्षेत्रफल, प्रकार, फसल और हिस्सेदारी की पूरी जानकारी मिलती है। खसरा/गाटा नंबर, खाता संख्या या मालिक के नाम से सर्च कर सकते हैं।
  • रियल-टाइम अपडेट — नामांतरण (म्यूटेशन) होने पर तुरंत रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है, जिससे पुरानी जानकारी नहीं रहती।
  • भू-नक्शा (मानचित्र) देखना — अलग पोर्टल (upbhunaksha.gov.in) से जमीन की सीमाएं, पड़ोसी प्लॉट और नक्शा इंटरएक्टिव तरीके से देख सकते हैं।
  • धोखाधड़ी से बचाव — जमीन खरीदने से पहले मालिकाना हक, विवाद या बंधक (एन्कम्ब्रेंस) की जांच आसानी से हो जाती है। प्लॉट सेल स्टेटस भी चेक कर सकते हैं।
  • मुफ्त और आसान पहुंच — कोई फीस नहीं, हिंदी में उपलब्ध, मोबाइल-फ्रेंडली। पूरे 75 जिलों, सभी तहसीलों और गांवों की जानकारी एक जगह।
  • समय और पैसे की बचत — तहसील जाने की जरूरत नहीं पड़ती, 2-3 मिनट में PDF डाउनलोड कर लेते हैं (अनसर्टिफाइड कॉपी)।
  • पारदर्शिता बढ़ाना — भू-माफिया और फर्जी दस्तावेज रोकने में मदद करता है, किसानों को लोन-सब्सिडी में आसानी होती है।

भूलेख पोर्टल उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग द्वारा संचालित है। जो डिजिटल इंडिया का हिस्सा है। हर कोई सुरक्षित और तेज तरीके से इस्तेमाल कर सकता है।

 

उत्तर प्रदेश भू अभिलेख पोर्टल शुरू करने का उद्देश्य क्या है?

उत्तर प्रदेश भू अभिलेख पोर्टल (UP Bhulekh Portal) शुरू करने का मुख्य उद्देश्य राज्य में जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना और लोगों के लिए आसान बनाना है। यह पोर्टल 2 मई 2016 को लॉन्च हुआ था और डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश सरकार और राजस्व विभाग द्वारा चलाया जाता है।।

  • जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल करना — पुराने कागजी रिकॉर्ड को कंप्यूटर में बदलना, ताकि वे खराब न हों और हमेशा सुरक्षित रहें।
  • पारदर्शिता लाना — हर कोई घर बैठे खतौनी, खसरा, मालिक का नाम और जमीन की जानकारी देख सके, कोई छुपी बात न रहे।
  • धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा रोकना — जमीन खरीद-बिक्री में भू-माफिया या फर्जी दस्तावेज से बचाव, क्योंकि रिकॉर्ड रियल-टाइम अपडेट होते हैं।
  • समय और पैसे की बचत — तहसील या पटवारी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, 2-3 मिनट में ऑनलाइन जानकारी मिल जाती है।
  • भूमि विवाद कम करना — सही मालिकाना हक की जानकारी से कोर्ट के केस और झगड़े घटते हैं।
  • किसानों और नागरिकों की सुविधा — लोन, सब्सिडी, फसल बीमा या जमीन बेचने में आसानी, क्योंकि प्रमाणित जानकारी तुरंत उपलब्ध।
  • सरकारी योजनाओं में मदद — भूमि उपयोग, चकबंदी और नीति बनाने में सही डेटा से सहायता मिलती है।
  • एकीकृत सिस्टम बनाना — नामांतरण, भू-नक्शा और रजिस्ट्रेशन को एक जगह जोड़ना, ताकि सब कुछ तेज और भरोसेमंद हो।

Bhulekh UP 2026 पोर्टल के फायदे क्या-क्या मिलते है?

  • घर बैठे जानकारी मिलती है – खसरा, खतौनी, भू-नक्शा, गाटा नंबर आदि सब कुछ ऑनलाइन देख सकते हैं। तहसील या पटवारी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • समय और पैसे की बचत – सरकारी दफ्तर जाने, ट्रैवल और अन्य खर्च बच जाते हैं। 24 घंटे उपलब्ध सेवा से कभी भी चेक कर सकते हैं।
  • पारदर्शिता बढ़ती है – सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक और साफ-सुथरे होते हैं। फर्जी दस्तावेज या छेड़छाड़ की गुंजाइश कम हो जाती है।
  • भूमि विवाद कम होते हैं – सही और अपडेट जानकारी से जमीन पर झगड़े, मुकदमे और धोखाधड़ी घटती है। खरीद-फरोख्त से पहले आसानी से सत्यापन हो जाता है।
  • सुरक्षित लेन-देन – जमीन खरीदने या बेचने वाले मालिक का नाम, क्षेत्रफल और स्थिति तुरंत जांच सकते हैं। इससे सुरक्षित सौदे होते हैं।
  • भ्रष्टाचार में कमी – डिजिटल सिस्टम से दलालों और गलत तरीकों पर रोक लगती है। रियल टाइम अपडेट से रिकॉर्ड हमेशा नया रहता है।
  • आसान उपयोग – सरल इंटरफेस, कोई विशेष ज्ञान जरूरी नहीं। मोबाइल या कंप्यूटर से आसानी से काम होता है।

यूपी भूलेख पोर्टल पर मिलने वाली सेवाओ की सूची

सेवा का नाम

विवरण/क्या मिलता है?

(1) खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें

मालिक का नाम, हिस्सेदारी, क्षेत्रफल, फसल, जमीन का प्रकार आदि की अनसर्टिफाइड कॉपी देखें और PDF डाउनलोड करें। रियल-टाइम अपडेट।

(2) भूखण्ड/गाटे के विक्रय की स्थिति जानें

जमीन बेची गई है या नहीं, इसकी स्थिति चेक करें (ट्रांजेक्शन हिस्ट्री)।

(3) भूखण्ड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति जानें

जमीन पर कोई कोर्ट केस, विवाद या वादग्रस्त है या नहीं, यह पता करें।

(4) राजस्व ग्राम खतौनी का कोड व भूखण्ड/गाटे का यूनीक कोड जानें

गांव की खतौनी कोड और प्रत्येक गाटे/खसरा का यूनिक कोड देखें।

(5) भू-नक्शा (Bhu Naksha) देखें

अलग पोर्टल (upbhunaksha.gov.in) से जुड़ा, जमीन की सीमाएं, प्लॉट लेआउट और UP Bhulekh Map देखें।

(6) खसरा/गिरदावरी जानकारी

ekhasra.up.gov.in से जुड़ा, फसल, उपजाऊता, वृक्ष आदि की डिटेल।

(7) नाम/अंश/पता में त्रुटि सुधार आवेदन

खतौनी में गलती सुधारने के लिए ऑनलाइन आवेदन (अंश संशोधन सेक्शन)।

(8) शिकायत पंजीकरण और स्थिति जानें

पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और उसकी स्थिति ट्रैक करें।

(9) बैंक बंधक (Bandhak) जानकारी

जमीन पर लोन या बंधक की स्थिति चेक करें।

(10) सरकारी/राजकीय/शत्रु/निष्क्रांत संपत्ति जानकारी

सरकारी जमीन, शत्रु संपत्ति आदि की खोज।

UP Bhulekh 2026 के नए अपडेट क्या हैं?

  • रियल-टाइम खतौनी अपडेट: कोई नामांतरण होता है तो तुरंत पोर्टल पर दिखता है।
  • एकीकृत प्लेटफॉर्म: भू-उपयोग बदलाव (धारा 80) और नामांतरण (धारा 34) अब एक जगह पर।
  • लेखपाल को समय पर रिपोर्ट देने का नियम: देरी पर कार्रवाई।
  • डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) के तहत और ज्यादा डिजिटाइजेशन।
  • भू-माफिया रोकने के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल से लिंक।
  • खसरा पोर्टल (ekhasra.up.gov.in) पर फसल, वृक्ष गणना आदि की जानकारी।
  • भू-नक्शा पोर्टल (upbhunaksha.gov.in) पर इंटरएक्टिव मैप।

Bhulekh UP पोर्टल पर खतौनी कैसे देखें?

(1) अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर ब्राउजर खोलें।

सर्च करें: “UP Bhulekh Khatauni” या सीधे जाएं upbhulekh.gov.in

(2) होम पेज पर “खतौनी (अधिकार अभिलेख)” का विकल्प चुनें।

(3) जिला (District) चुनें, जैसे प्रयागराज।

(4) तहसील (Tehsil) चुनें।

(5) गांव (Village) चुनें।

(6) अब तीन तरीके से सर्च कर सकते हैं:

  • खसरा/गाटा नंबर डालें
  • खाता संख्या डालें
  • मालिक का नाम डालें

(7) कैप्चा भरें और “खोजें” (Search) पर क्लिक करें।

(8) स्क्रीन पर खतौनी की पूरी डिटेल आएगी – मालिक, 

क्षेत्रफल, फसल आदि।

(9) PDF डाउनलोड या प्रिंट कर लें।

नोट: यह अनसर्टिफाइड कॉपी है। जरूरी काम के लिए तहसील से सर्टिफाइड कॉपी लें।

उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल से कैसे जाने जमीन बेची गई है या नही इसकी स्थिति कैसे चेक करे

  • आधिकारिक वेबसाइट खोलें — मोबाइल या कंप्यूटर पर https://upbhulekh.gov.in/ पर जाएँ। 
  • विक्रय स्थिति का विकल्प चुनें — होम पेज पर “भूखण्ड/गाटे के विक्रय की स्थिति जाने” पर क्लिक करें।
  • जिला, तहसील और गांव चुनें — ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना जिला (जैसे वाराणसी), तहसील और गांव/ग्राम चुनें। गांव कोड (6 अंकों का नंबर) भी दिखेगा।
  • गाटा/खसरा नंबर डालें — जमीन की गाटा संख्या या खसरा नंबर भरें। अगर यूनिक कोड पता है तो वह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • कैप्चा भरें और सर्च करें — कैप्चा कोड डालकर “खोजें” या “सर्च” बटन दबाएं।
  • परिणाम देखें — स्क्रीन पर जमीन की विक्रय स्थिति आएगी – बेची गई है या नहीं, कब और किसके नाम ट्रांसफर हुई, या कोई विक्रय नहीं हुआ है। पूरी डिटेल जैसे ट्रांजेक्शन हिस्ट्री दिखेगी।
  • PDF डाउनलोड या प्रिंट लें — जरूरी हो तो जानकारी सेव कर लें (अनसर्टिफाइड कॉपी)। प्रमाणित कॉपी के लिए तहसील जाएं।

नोट- यह प्रक्रिया मुफ्त है, 2-3 मिनट में पूरी हो जाती है। जमीन खरीदने से पहले हमेशा चेक करें ताकि फर्जीवाड़ा न हो। अगर समस्या आए तो तहसील या भूलेख हेल्पलाइन से संपर्क करें।

यूपी भूलेख पोर्टल का उपयोग करके यह कैसे जाने कि जमीन पर कोई कोर्ट केस, विवाद या वाद-ग्रस्त है या नहीं

उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) से जमीन पर कोई कोर्ट केस, विवाद या वाद-ग्रस्त है या नहीं, यह चेक करना सरल है। यह सेवा “भूखण्ड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति जाने” नाम से उपलब्ध है, जो राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित है। 2026 में रियल-टाइम अपडेट के साथ यह फीचर जमीन खरीदने से पहले धोखाधड़ी रोकने में मदद करता है। 

  • आधिकारिक वेबसाइट खोलें — ब्राउजर में https://upbhulekh.gov.in/ टाइप करें और एंटर दबाएं। हमेशा सरकारी साइट इस्तेमाल करें।
  • वाद ग्रस्त स्थिति का विकल्प चुनें — होम पेज पर “भूखण्ड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति जाने” पर क्लिक करें।
  • जिला, तहसील और गांव चुनें — ड्रॉप-डाउन से अपना जिला (जैसे वाराणसी), तहसील और गांव/ग्राम चुनें। गांव कोड (6 अंकों का) भी दिखेगा।
  • गाटा/खसरा नंबर डालें — जमीन का गाटा संख्या या खसरा नंबर भरें। अगर यूनीक कोड पता है तो वह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • कैप्चा भरें और खोजें — कैप्चा कोड डालकर “खोजें” बटन दबाएं।
  • परिणाम देखें — स्क्रीन पर जमीन की स्थिति आएगी – वाद-ग्रस्त है या नहीं। अगर है तो विवरण जैसे केस का प्रकार, स्थिति या कोर्ट डिटेल दिख सकती है। गाटा नंबर पर क्लिक करके और जानकारी देखें।
  • PDF सेव या प्रिंट करें — जरूरी हो तो जानकारी डाउनलोड कर लें (अनसर्टिफाइड)। पूरी डिटेल या प्रमाणित कॉपी के लिए तहसील या RCCMS पोर्टल (vaad.up.nic.in) पर जाएं।

सावधानी — यह प्रारंभिक जांच है। गंभीर विवाद में तहसील या वकील से सलाह लें। सेवा मुफ्त है और 2-3 मिनट में पूरी हो जाती है।

गांव की खतौनी कोड और प्रत्येक गाटे/खसरा का यूनिक कोड उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल से कैसे देखे?

  • आधिकारिक वेबसाइट खोलें — मोबाइल या कंप्यूटर पर upbhulekh.gov.in पर जाएं। हमेशा सरकारी साइट इस्तेमाल करें।
  • सही विकल्प चुनें — होम पेज पर “राजस्व ग्राम खतौनी का कोड व भूखण्ड/गाटे का यूनीक कोड जाने” पर क्लिक करें।
  • जिला और तहसील चुनें — ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना जिला (जैसे वाराणसी) और तहसील चुनें।
  • गांव चुनें — गांव की सूची आएगी। गांव चुनने पर उसके साथ राजस्व ग्राम खतौनी का कोड (ग्राम कोड या सेन्सस कोड) दिखेगा। इसे नोट कर लें।
  • गाटे का यूनिक कोड देखने के लिए — अगर अलग से गाटा/खसरा का यूनिक कोड चाहिए, तो पहले खतौनी देखें विकल्प पर जाएं या इसी सेक्शन में गाटा नंबर डालकर सर्च करें। परिणाम में गाटे का यूनिक कोड (16 अंकों का UPIC या यूनिक आईडी) दिखेगा।
  • कैप्चा भरें और खोजें — कैप्चा कोड डालकर “खोजें” बटन दबाएं।
  • परिणाम देखें और सेव करें — कोड स्क्रीन पर दिखेगा। PDF डाउनलोड या प्रिंट कर लें (अनसर्टिफाइड)। प्रमाणित कॉपी के लिए तहसील जाएं।

भू-नक्शा (Bhu Naksha) कैसे देखें?

भू-नक्शा जमीन की मैप है, जिसमें सीमाएं, पड़ोसी प्लॉट आदि दिखते हैं।

  • upbhunaksha.gov.in पर क्लिक करे
  • जिला, तहसील, गांव चुनें।
  • गाटा नंबर या खसरा डालें।
  • UP Bhulekh Naksha खुलेगा, जहां जमीन की पूरी डिटेल दिखेगी।
  • जूम करके देखें, प्रिंट लें।

यूपी भूलेख पोर्टल का उपयोग करके खतौनी में नाम, अंश, पता या सरंक्षक का नाम गलत है तो उसे कैसे सुधारे

उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) पर खतौनी में नाम, अंश (हिस्सेदारी), पता या संरक्षक (अभिभावक) का नाम गलत होने पर सुधार की प्रक्रिया अब ऑनलाइन उपलब्ध है। यह सेवा “अंश संशोधन” या “भूलेख खतौनी त्रुटि सुधार” नाम से चलती है, जो राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित है। 2026 में यह पूरी तरह डिजिटल है और खातेदार खुद आवेदन कर सकता है। 

  • आधिकारिक लिंक पर जाएं — ब्राउजर में upbhulekh.gov.in/ansh खोलें। यह अंश संशोधन का सीधा पेज है।
  • लॉगिन करें — मोबाइल नंबर डालें, “ओटीपी प्राप्त करें” पर क्लिक करें। ओटीपी और कैप्चा भरकर लॉगिन करें।
  • आवेदन शुरू करें — “अंश / नाम / संरक्षक / पता संशोधन हेतु आवेदन” चुनें। भाग 1 में आवेदक का विवरण (नाम, मोबाइल, आधार आदि) भरें और “सुरक्षित करें और आगे बढ़ें” पर क्लिक करें।
  • खातेदार और गाटा चुनें — भाग 2 में जिला, तहसील, गांव, गाटा संख्या चुनें। जिस खातेदार का नाम/अंश/पता/संरक्षक गलत है, उसे चुनें। वर्तमान और संशोधित विवरण भरें (जैसे गलत नाम की जगह सही नाम)।
  • दस्तावेज अपलोड करें — आधार कार्ड, पुरानी खतौनी, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र (जरूरी हो तो), एफिडेविट या अन्य प्रमाण पत्र अपलोड करें।
  • आवेदन सबमिट करें — विवरण जांचें, कैप्चा भरें और सबमिट करें। आवेदन संख्या मिलेगी, जिससे स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
  • प्रक्रिया पूरी होने पर — लेखपाल जांच करेगा, रिपोर्ट लगेगी, फिर तहसीलदार/एसडीएम के आदेश से खतौनी अपडेट होगी। स्थिति पोर्टल पर देखें।
  • सावधानी — सेवा मुफ्त है, दस्तावेज सही रखें। गंभीर मामलों में तहसील जाएं। समस्या पर [email protected] या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

निष्कर्ष

UP Bhulekh 2026 उत्तर प्रदेश की एक बड़ी डिजिटल क्रांति है। इससे लाखों किसान, जमीन मालिक और खरीदार फायदा उठा रहे हैं। पारदर्शिता बढ़ी है, समय बचा है, और धोखे कम हुए हैं। अगर आप प्रयागराज या किसी भी जिले में हैं, तो आज ही पोर्टल खोलकर अपनी जमीन चेक करें।

किसी समस्या पर तहसील कार्यालय या राजस्व विभाग से संपर्क करें। ईमेल: [email protected]

FAQs

(1) UP में जमीन किसके नाम है, कैसे देखें?

UP Bhulekh पोर्टल (upbhulekh.gov.in) पर जाएं। जिला, तहसील, गांव चुनें। मालिक का नाम डालकर सर्च करें। खतौनी में मालिक का नाम, हिस्सा और क्षेत्रफल दिखेंगे। PDF डाउनलोड करें।

(2) खाता नंबर से जमीन कैसे चेक करें?

upbhulekh.gov.in खोलें। खतौनी देखें विकल्प चुनें। 

जिला, तहसील, गांव सिलेक्ट करें। खाता संख्या डालें। कैप्चा भरकर सर्च करें। पूरी खतौनी और जमीन की डिटेल दिखेंगी।

(3) मोबाइल से जमीन कैसे देखें?

UP Land Tools खोलें। खतौनी देखें पर क्लिक करें। जिला, तहसील, गांव चुनें। गाटा/खाता/नाम से सर्च करें। कैप्चा डालकर देखें और PDF सेव करें। आसान और मुफ्त।

(4) 30 साल से अधिक समय से किसी की जमीन पर कब्जा है तो क्या होगा?

निजी जमीन पर 12 साल लगातार खुले कब्जे से प्रतिकूल कब्जा (Adverse Possession) का दावा संभव है, लेकिन सरकारी जमीन पर 30 साल। कोर्ट में साबित करना पड़ता है, हाल के फैसलों में सख्ती बढ़ी है। वकील से सलाह लें।

(5) अगर जमीन विवादित है तो कैसे चेक करें?

upbhulekh.gov.in पर “भूखण्ड/गाटे के वादग्रस्त होने की स्थिति जानेंर गाटा नंबर डालें। सर्च करें। विवाद/कोर्ट केस की स्थिति दिखेगी। जरूरी हो तो तहसील जाएं।

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